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फरी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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फरी † संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ फल, फलक]

१. फाल । कुशी ।

२. गाड़ी का हरसा । फड़ ।

३. चमडे़ की बनी हुई गोल छोटी ढाल जिसे गतके के साथ उसकी मार को रोकने के लिय लोकर खेलते हैं ।

३. ढाल । उ॰— (क) तब तो वह अति झुँझलाया फरी खाँड़ा उठाय रथ से कूद श्रीकृष्ण चंद्र की ओर झपटा ।—लल्लू (शब्द॰) । (ख) फूलै फदकत लै फरी फल कटाच्छ कर वार । करत बचावत विय नयन पाक घाय हजार ।—बिहारी (शब्द॰) ।

४. दे॰ 'फली' ।