फर्स
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]फर्स पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ परशु (=फरशु), हिं॰ फरसा] दे॰ 'फरसा' । उ॰— दियौ रिष्ष बरदान जा जुद्ध कज्जं, जबै दिष्षियं षित्रियं फर्श भ्ज्जं ।—पृ॰ रा॰, २ । २५५ । यौ॰— फर्सराम = परशुराम । उ॰— तवै फर्सराम फरस्सी उभारी ।—पृ॰ रा॰, २ । २५३ ।