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फलविप

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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फलविप संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह वृक्ष जिसके फल बिषैले होते हैं । जैसे, करंभ इत्यादि । विशेष—सुश्रुत में कुमुदूनी, टेलुका, करंभ, महाकरंभ, कक्रोंटक, रेणुक, खद्योतक, चर्मरी, इअगंधा,सर्पघाती, नंदन और सर- पाक के फल विष कहे गए हैं ।