फसील
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]फसील ^२ संज्ञा पुं॰ ^
१. एक प्रकार का संवत् । विशेष— इसे दिल्ली के सम्राट् अकबर ने हिजरी संवत् को, जिसका प्रचार मुसमानों में था और जिसमें चांद्रमास की रीति से वर्ष की गणना थी, बदलकर सौर मास में परिवर्तन करके चलाया था । अब ईसवी संवत् से यह ५८३ वर्ष कम होता है । इसका प्रचार उत्तरीय भारत में फसल य़ा खेती बारी आदि के कामों में होता है ।
२. हैजा ।
३. बुखार । मियादी बुखार ।
फसील संज्ञा स्त्री॰ [अ॰ फसील]
१. भित्ति । दीवार ।
२. प्राचीर । परकोटा ।