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फस्द

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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फस्द संज्ञा स्त्री॰ [अ॰ फस्द] नस को छेदकर शरीर का दूषित रक्त निकालने की क्रिया । उ॰—फस्द देते हुए फस्साद को रोकें ।—प्रेमघन॰, भा॰ २, पृ॰ १९३ । मुहा॰—फस्द खोलना=नस या धमनी को छेदकर रक्त निका- लना । फस्द खुलवाना=(१) शरीर का दूषित रक्त निकालना । (२) पागलपन की चिकित्सा कराना । होश की दवा कराना । फस्द लेना=(१) शरीर का दूषित रक्त निकलवाना । (२) पागलपन की चिकित्सा कराना ।