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फहरना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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फहरना क्रि॰ अ॰ [सं॰ प्रसरण] फहराना का अकर्मक रूप । वायु में उड़ना । फड़फड़ाना । उ॰—(क) सखिन बीच नागरीं बिराजति भई प्रीति उर हरि के । मंद मंद गति चलत अधिक छबि अंचल रहेउ फहरि के ।—सूर (शब्द॰) । (ख) फहरैं फुहारे नहरैं नदी सी बहै, छहरैं छबीन छाम छीटन की छाटी है ।—पद्माकर (शब्द॰) ।