फाँकना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]फाँकना क्रि॰ स॰ [हिं॰ फाँका] चूर, दाने या बुकनी के रूप की वस्तु को दूर से मुँह में डालना । कण या चूर्ण को दूर से मुँह में फेंककर खाना । जैसे, चीनी फाँकना । उ॰—लपसी लौंग गनै इक सारा । खाँड़ं परिहरि फाँके छारा ।—कबीर (शब्द॰) । मुहा॰—धूल फाँकना=(१) खाने को न पाना । (२) ऐसे स्थान में जाना या रहना जहाँ बहुत गर्द हो । (३) दुर्दशा भोगना ।