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फाँका

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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फाँका ^१ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ फेंकना]

१. किसी वस्तु को दूर से फेंककर मुँह में डालने की क्रिया या भाव । फंका । मुहा॰—फाँका मारना=किसी वस्तु को फाँकना ।

२. उतनी वस्तु जो एक बार में फाँकी जाय ।

फाँका पु † ^२ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ फाँक] दे॰ 'फाँक' । मुहा॰—फँका देना=अंतर करना ।

फाँका † ^३ संज्ञा पुं॰ [अ॰ फाकह्] दे॰ 'फाका' । यौ॰—फाँकामस्त, फाँकेमस्त=दे॰ 'फाकामस्त' । उ॰—जुरि आए फाँकेमस्त होली होइ रही ।—भारतेंदु ग्रं॰, भा॰ २, पृ॰ ३९६ ।