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फाँट

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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फाँट † ^१ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ फाटना, फटना वा सं॰ पट्ट]

१. यथा- क्रम कई भागों में बाँटने की क्रिया या भाव । क्रि॰ प्र॰बाँधना ।—लगाना

२. क्रम से बाँटा हुआ भाग । अलग अलग किए हुए कई भागों में से एक भाग ।

३. दर या पड़ना जिसके अनुसार कोई वस्तु बाँटी जाय । यौ॰—फाँटबंदी ।

फाँट ^२ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ फाण्ड]

१. ओषधि को गरम पानी में औटाना । काढ़ा बनाने की क्रिया या भाव ।

२. क्वाथ । काढ़ा ।

फाँट † ^३ संज्ञा पुं॰ [सं॰ फाण्ड (=पेट, उदर)] दे॰ 'फाँड़ा' । उ॰— वसन एक इसहाक सोहावा । बाँधहिं फाँट सो लीन्ह कढ़ावा ।—हिंदी प्रेमगाथा॰, पृ॰ २३५ ।