सामग्री पर जाएँ

फाँदना

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

फाँदना ^१ क्रि॰ अ॰ [सं॰ फणन, हिं॰ फानना] झोंक के साथ शरीर को ऊपर उठाकर एक स्थान से दुसरे स्थान पर जा पड़ना । कूदना । उछलना । उ॰—दृग मुगनैननि के कहूँ फाँद न पावै जान । जुलुक फँदा मुख भूमि पै रोपे बधिक सुजान । रसनिधि (शब्द॰) । संयो॰ क्रि॰—जाना ।

फाँदना ^२ क्रि॰ स॰

१. उछलकर पार करना । कूदकर लाँघना ।

फाँदना ^३ क्रि॰ स॰ [हिं॰ फंदा] फंदे में डालना । फँसाना । उ॰— कुटिल अलक सुभाय हरि के भुवनि पै रहे आय । अनो मम्मथ फाँदि फंदन मीन विधि लटकाय ।—सूर (शब्द॰) ।

फाँदना † ^४ क्रि॰ स॰ [हिं॰] दे॰ 'फानना' ।