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फाँसरी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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फाँसरी पु † संज्ञा स्त्री॰ [हि॰] फंदा । फँसरी । पाश । उ॰— भली भई जो पिउ मुआ, नित उठि करता रार । छूटी गल की फाँसरी, सोऊँ पाँव पसार ।—कवीर सा॰ सं॰, पृ॰ ४७ ।