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फाका

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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फाका संज्ञा पुं॰ [अ॰ फाकह्] उपवास । निराहार रहना । उ॰— फे फाके का गुन यही राजिक करे यादा ।—चरण॰ बानी, पृ॰ ११२ । यौ॰—फाकाकशी । फाकेमस्त । क्रि॰ प्र॰—करना ।—होना । मुहा॰—फाका पड़ना = उपवास होना । फाकों का मारा= भोजन न मिलने से अत्यंत शिथिल । भूख से मरता हुआ । फाकों मरना = भूखों मरना । उपवास का नष्ट सहना ।