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फालसई

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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फालसई वि॰ [फा़॰ फालसह्, हिं॰ फालसा + ई (प्रत्य॰)] फालसे के रंग का । ललाई लिए हुए हलका ऊदा । विशेष—इस रंग के लिये कपड़े को तीन बोर देने पड़ते हैं । पहले तो कपड़े को नील रँगते हैं, पिर कुसुम के पहले उतार के रंग में रँगते हैं, जो जेठा रंग होता है । फिर फिट- करी या खटाई मिले पानी में बोरकर निखार देने से रंग साफ निकल आता है ।