फालिज
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]फालिज संज्ञा पुं॰ [अ॰ फा़लिज] एक रोग जिसमें प्राणी का आधा अंग सुन्न या बेकार हो जाता है । अर्धय । अधरंग । पक्षाघात । विशेष—इसमें शरीर के संवेदन सूत्र या गतिवाहक सूत्र निष्क्रिय हो जाते हैं । संवेदन सूत्रों के निष्क्रिय होने से अंग सुन्न हो जाता है, उसमें संवेदना नहीं रह जाती और गतिवाहक सूत्रों के निष्क्रिय होनो से अग का हिलना डोलना बंद हो जाता है । यौ॰—फालिजजदा = फालिज या लकवे का बीमार । मुहा॰—फालिज गिरना = अधरंग रोग होना । अंग सुत्र पड़ जाना । फालिज मारना =दे॰ 'फालिज गिरना' ।