फुँकना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]फुँकना ^१ क्रि॰ स॰ [हिं॰ फूँकना]
१. फूँकने का अकर्मक ऱूप ।
२. जलना । भस्म होना । संयो॰ क्रि॰—लाना ।
३. नष्ट होना । बरबाद होना । व्यर्थ खर्च होना । जैसे,—इतना रुपया फुँक गया ।
४. मुँह की हवा भरकर निकाला जाना ।
फुँकना ^२ संज्ञा पुं॰
१. बाँस, पीतल आदि की नली जिसमें मुँह की भरकर आग पर छोड़ते हैं । फुँकनी ।
२. प्राणियोँ के शरीर का वह अवयव जिसमें मुत्र रहता है । यह पेड़ू के पास होता है ।