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फुँदना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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फुँदना संज्ञा पुं॰ [हिं॰ फूल + फंद ? या देश॰]

१. फूल के आकार की गाँठ जो बंद, इजारबंद, चोटी बाँधने या धोती कसने की डोरी, झालर आदि के छोर पर शोभा कै लिये बनाते हैं । फुलरा । झब्वा । उ॰—उठी सो धूम नयन गरुवानी । लागी परै आँसु बहिरानी । भीनै लागि चुए कठमुंदन । भीजै भँवर कमल सिर फुंदन ।—जायसी (शब्द॰) ।

२. तराजू की डंड़ी के बीच की रस्सी की गाँठ ।

३. कोड़े की डोरी के छोर पर की गाँठ ।

४. सूत आदि का बँधा हुआ गुच्छा या फूल जो शोभा के लिये डोरियों आदि में लटकता रहता हैः । झब्बर ।