फुगाँ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]फुगाँ संज्ञा पुं॰ [फा़॰ फुगाँ] आर्तनाद । दुहाई । उ॰—(क) जबाँ भी खैच लेना तुम, अगर मुँह से फुगाँ निकले ।—श्यामा॰ (भू॰), पृ॰ १४ । (ख) तड़पते हैं फुगाँ करते हैं और करवट बदलते हैं ।—भारतेंदु॰ ग्रं॰, भा॰ २, पृ॰ ८४८ ।