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फेकरना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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फेकरना ^१ क्रि॰ अ॰ [हिं॰ फेकारना] (सिर का) खुलना । (सिर का) आच्छादनरहित होना । नंगा होना । उ॰— फेकरे मूँड़ चँवर जनु लाए । निकासि दाँत मुँह बाहर आए ।— जायसी (शब्द॰) ।

फेकरना ^२ क्रि॰ अ॰ दे॰ 'फेकरना' ।