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फौजदारी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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फौजदारी संज्ञा स्त्री॰ [अ॰ फौ़ज + फा़॰ दारी (प्रत्य॰)]

१. लड़ाई झगड़ा । मारपीट । क्रि॰ प्र॰—करना ।—होना ।

२. वह अदालत या न्यायालय जहाँ ऐसे मुकदमों का निर्णय होता है जिनमें अपराधो को दड मिलता है । कंटकशोधन दंडनियम । विशेष—कौटिल्य के अर्थशास्त्र में न्यायशासन के दो विभाग दिखाई पड़ते हैं—धर्मस्थीय औऱ कंटकशोधन । कंटकशोधन अधिकरण में आजकल के फौजदारी के मामलों का विवरण है और धर्मस्थीय में दीवानी के । स्मृतियों में दंड और व्यवहार ये दो शब्द मिलते हैं ।