बंगर

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

बंगर पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ वक्र, हिं॰ वंकुर या देश॰] हाथी के दातों पर जड़ा हुआ आभूषण । हाथी के दाँतों पर जड़े जानेवाले चाँदी, सोने, पीतल आदि के बंद । उ॰—सिर दिघ्घ दिघ्घ दंतह सुभग, जरजराइ बंगरि जरिय । लष लष्ष दाम पावहि पटै कनक साज हाजरु करिय ।—पृ॰ रा॰, ६ । १५५ ।