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बगड़

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बगड़ † संज्ञा पुं॰ [राज॰ बाघड़ या गुज॰ बगाड़ (=बदमाश)] बिना बस्ती का देश, मरुभूमि आदि जहाँ लुटेरे रहते हों । उ॰— मारु तड़ाँ सँदेसड़ा, बगड़ विचाहू खाई ।— ढोला॰, दू॰ ८२ ।