बगतर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बगतर पु, बगत्तर † संज्ञा पुं॰ [फा॰ बक्त़र] दे॰ 'बक्तर' । उ॰—(क) बगतर पक्खर टोप सु सज्जिय ।—ह॰ रासो, पृ॰ ८१ । (ख)हुअंत खड घाउ सुगन्नरं बगत्तरं ।— पृ॰ रा॰, ५८ । २४४ ।
बगतर पु, बगत्तर † संज्ञा पुं॰ [फा॰ बक्त़र] दे॰ 'बक्तर' । उ॰—(क) बगतर पक्खर टोप सु सज्जिय ।—ह॰ रासो, पृ॰ ८१ । (ख)हुअंत खड घाउ सुगन्नरं बगत्तरं ।— पृ॰ रा॰, ५८ । २४४ ।