बगूला
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बगूला संज्ञा पुं॰ [हिं॰ बाउ + गोला] वह वायु जो गरमी के दिनों में कभी कभी एक ही स्थान पर भंवर सी घूमती हुई दिखाई तेती है और जिससे गर्द का एक खभा सा बन जाता है । बवंडर । बातचक्र । विशेष—यह वायुस्तंभ आगे को बढ़ता जाता है । इसका व्यास और ऊँवाई कभी कम और कभी अधिक होती है । इसे गवाँर लोग 'भवानी का रथ' कहते हैं । कभी कभी बड़े व्यासवाले बगूले में पड़कर बड़े पेड़ और मकान तक उखड़कर उड़ जाते हैं । यह बगूला जब समुद्र या नदियों में होता है तब उसे 'सूँड़ी' कहते हैं । इससे पानी नल की भाँति ऊपर खिंच जाता है ।