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बग्ग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बग्ग पु ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ वक, प्रा॰ बग] दे॰ 'बक' । उ॰—भेष दरियाव में हंस भी होते हैं, भेष दरियाव में बग्ग होई ।— कबीर॰, रे॰, पृ॰ ९ ।

बग्ग पु ^२ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ बल्गा, प्रा॰ बग्ग] बाग । लगाम । उ॰— गहि बग्ग हथ्थ फेरत तुरंत नट नत्य निपुन धावत कुंरग ।—पृ॰ रा॰, १ । ७२३ ।

बग्ग ^३ संज्ञा पुं॰ [फा॰ बाग] बगीचा । बाग । उ॰— बग्ग मग्ग गोपिक गमन ।—पृ॰ रा॰, २ । ३५४ ।