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बघनहाँ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बघनहाँ † संज्ञा पुं॰ [हिं॰ बाघ + नहँ (= नाखून)][स्त्री॰ अल्पा॰ बघनहीं]

१. एक प्रकार का हथियार जिसमें बाघ के नहँ के समान चिपटे टेढे़ काँटे निकले रहते हैं । यह उँगलियों में पहना जाता है और इससे हाथपाई होने पर शत्रु को नोच लोते हैं । शेरपंजा ।

२. एक आभूषण जिसमें बाघ के नाखून चाँदी या सोने में मढे़ होते हैं । यह गले में तागे में गूँथकर पहना जाता है । उ॰— कठुँला कंठ बधनहाँ नीके । नयन सरोज अयन सरसी के ।— तुलसी (शब्द॰) ।