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बघम्बर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बघंबर संज्ञा पुं॰ [सं॰ ब्यघ्राम्बर]

१. बाघ की खाल जिसपर साधु लोग बैठकर ध्यान लगाते हैं । उ॰—(क) बरुनी बघबर में गूदरी पलक दोऊ कोए राते बसन भगौहैं भेष रखियाँ ।— देव (शब्द॰) । (ख) सार की सारी सी भारी लगै धरिबे कह सीस बघंबर पैंया । हाँसी सो दासी सिखाइ लई है वेई जो बई रसखानि कन्हैया ।— रसखान (शब्द॰) ।

२. बाघ की खाल की तरह बना हुआ कवल ।