बजरबट्टू
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बजरबट्टू संज्ञा पुं॰ [हिं॰ बज्र + बट्टा] एक वृक्ष के फल का दाना वा बीज जो काले रंग का होता है ओर जिसकी माला लोग बच्चों को नजर से बचाने के लिये पहनाते हैं । उ॰— माजूफल शंख रुद्रअक्ष त्यों बजरबट्टू तुलसी की गुलिका सुधारे छवि छाजे हैं ।— रघुराज (शब्द॰) । विशेष— इसका पेड़ ताड़ की जाति का है और मलाबार में समुद्र के किनारे तथा लंका में उत्पन्न होता है । बंगाल और वरमा में भी इसे लोग बोते ओर लगाते हैं । इसकी पत्तियाँ बहुत बड़ी और तीन साढे़ तीन व्यास की होती हैं और पखे, चटाई, छाते आति बनाने के काम में आती हैं । योरप में इसकी नरम और कोमल पत्तियाँ से अनेक प्रकार के कटावदार फीते बनाए जाते हैं । तथा इसके रेशे से बुरुश बनाए और जालं बुने जाते हैं । इसकी रस्सियाँ भी बटी जा सकती है । इसके फल बहुत कड़े होते हैं ओर योरप में उनसे बटगे, माला के दाने और छोटे छोटे पात्र बनाए जाते हैं । मलाबार में इसके पेड़ों को लोग समुद्र के किनारे बागों में लगाते हैं । यह पेड़ चालीस बयालीस बर्ष तक रहता है और अंत में पुराना होकर गिर पड़ना है । इसे नजरबद्टू और नजरबटा भी कहते हैं ।