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बझाना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बझाना पु ‡ क्रि॰ स॰ [हिं॰ बझना का सकर्मक रूप] बंधन में लाना । उलझाना । फँसाना । उ॰— (क) नाथ सों कौन विनती कहि सुनावौं । नाम लगि लाय लासा ललित बचन कहि व्याध ज्यों विषय विहंगन बझावों ।— तुलसी (शब्द॰) । (ख) जनु अति नील अलकिया बंसी लाय । यो मन बार बधुअवा मीन बझाय ।—रहीम (शब्द॰) ।