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बझाव

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बझाव संज्ञा पुं॰ [हिं॰ बझाना]

१. बझने का भाव । फँसने की क्रिया या भाव ।

२. उलझाव । अटकाव । उ॰— काँट कुरोय लपेटनि लोटनि ठाँवहि ठाँव बझाव रे । जस जस चलिप दूरि तस निज बास न भेट लगाव रे ।— तुलसी (शब्द॰) ।