बटाऊ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बटाऊ ^१ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ वाट(=रास्ता) + आऊ (प्रत्य॰)] बात चलनेवाला । बटोही । पथिक । मुसाफिर । राही । उ॰— (क) राजिवलोचन राम चले तजि बाप को राज बटाऊ की नाईं ।— तुलसी (शब्द॰) । (ख) बीर बठाऊ पंथी हो तुम कौन देस तें आए । यह पाती हमरी लै दीजै जहाँ साँवरे छाप ।—सूर (शब्द॰) । मुहा॰— बटाऊ होना = राही होना । चलता होना । चल देना ।
बटाऊ ^२ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ बाँटना] बँटानेवाला । भाग लेनेवाला । हिस्सा लेनेवाला ।