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बड़वानरल

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बड़वानरल रस संज्ञा पुं॰ [सं॰ बड़वानल रस]

१. बड़वाग्नि ।

२. एक रसौषध जो कई धातुओं के भस्म के योग से बनती है । इसका मधु के साथ सेवन करने से मेद रोग जाता रहता है ।