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बड़वामुख

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बड़वामुख संज्ञा पुं॰ [सं॰ बडवामुख]

१. बड़वाग्नि ।

२. शिव का मुख ।

३. कूर्म के दक्षिण कुक्षि में स्थित एक जनपद ।

४. एक विशेष समुद्र ।

५. एक रसौषध । विशेष—पारा, गंधक, ताँबा, अभ्रक, सोहागा, कर्कच लवण, जवाखाल, सज्जीखार, सेंधा नमक, सोंठ, अपामार्ग, पलाश, और वरुणक्षार सम भाग लेकर और अम्लवर्ग के रस में बार बार सौंदकर लघुपुट पाक द्वारा तैयार करे । इसके सेवन से ज्वर ओर संग्रहणी रोग दूर होते हैं ।