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बतरस

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बतरस संज्ञा पुं॰ [सं॰ वार्ता + रस, हिं॰ बात + रस] बातचीत का आनंद । बातों का मजा । उ॰—(क) बतरस लालच लाल की बसी वरी लुकाइ । सोंह करै भौंहन हसैं दैन कहे नठि जाइ ।—बिहारा र॰, दो॰ ४७२ । (ख) कनरस बतरस और सबै रस झुँठहि मूड़ डोलै है ।—रै॰ बानी, पृ॰ ७० ।