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बधना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बधना ^१ क्रि॰ स॰ [सं॰ बध + हिं॰ ना (प्रत्य॰)] मार डालना । बध करना । हत्या करना । उ॰—(क) खल बधि तुरत फिरे रघुबीरा ।—मानस, ३ । २२ ।(ख) ताहि बधे कछु पाप न होई ।—मानस,४ । ९ ।

बधना पु ^२ क्रि॰ अ॰ [सं॰ बर्द्धन, प्रा॰ वद् धण] दे॰ 'बढ़ना' । उ॰—(क) बरष बधै बिय बाल पिथ्थ बद् धै इक मासह ।— पृ॰ रा॰,१ । ७१७ । (ख) मंत्र जंत्र धारंत मन, आकरषे जब चंद । प्रगट दरस दिने सबन, कवि उर बध्यौ अनंद ।— पृ॰ रा॰,६ । ३३ । (ग) दया धर्म का रूंखड़ा, सतसों बधता जाइ ।—दादू॰ बा॰, पृ॰४६२ ।

बधना ^३ संज्ञा पुं॰ [सं॰ बद् र्धन(=मिट्टी का गढुवा)]

१. मिट्टी या धातु का टोंटीदार लोटा जिसका व्यवहार अधिकतर मुसलमान करते है ।

२. चूड़ीवालों का औजार ।