बनज
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बनज ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ वनज]
१. कमल । उ॰—जय रघुबश बनज बन भालू ।—तुलसी (शब्द॰) ।
२. जल में होनेवाले पदार्थ । जैसे, शंख, कमल, मछली आदि । यौ॰—बनजबन = कमलवन । कमलसमूह । उ॰—नृप समाज जनु तुहिन बनजबन मारेउ ।—तुलसी ग्रं॰, पृ॰ ५३ ।
बनज ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ वाणिज्य, प्रा॰ बणिज] बाणिज्य । व्यापार । व्यवसाय । रोजगार । यौ॰—बनज व्यौपार = व्यापार । उ॰—हमारे श्री ठाकुर जी बनज व्यौपार करत नाहीं हैं, जो ऐसे लोगन को दिखाइए । दो सौ बावन॰, भा॰ १, पृ॰ ३१९ ।