बनराय
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बनराय संज्ञा पुं॰ [सं॰ वनराज, प्रा॰ वणराप]
१. दे॰ 'बनराज' ।
२. दे॰ 'बनराजी' । उ॰—सब धरती कागद करूँ, लेखनि सब बनराय । सात समुद्र की मसि करूँ, गुरु गुन लिखा न जाय—कबीर सा॰ सं॰, भा॰
१. पृ॰ २ ।