बनासपती
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बनासपती संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ वनस्पति]
१. जड़ी, बूटी, पत्र, पुष्प इत्यादि । पौधों, पेड़ों वा लताओं के पंचांग में से कोई अंग । फल, फूल, पत्ता आदि । उ॰—आनि बनासपती बन ते सब तीरथ के जल कुंभ भरे हैं । आम को मोर धरौ तेहि ऊपर केसर सों लिखि पीत करे हैं ।—हनुमान (शब्द॰) ।
२. घास, साग, पात इत्यादि ।