बनिजना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बनिजना पु † क्रि॰ स॰ [सं॰ वाणिज्य, हिं॰ बनिज + ना (प्रत्य॰)]
१. व्यापार करना । लेन देन करना । खरीदना और बेचना उ॰—(क) जो जस बनिजए लाभ तस पावए सूपुरुस मरहि गमार ।—विद्यापति, ४०३ । (ख) यह बनिजति वृषभान सुता तुम हम सोंवैर बढ़ावति ।—सूर (शब्द॰) । (ग) इनपर घर उत हैं घरा बनिजन आए हाठ । करम करीना बेचि कै उठि कै चालो बाट ।—कबीर (शब्द॰) ।
२. मोल ले लेना । अपने अधीन कर लेना । उ॰—(क) गातन ही दिखराइ बातन ही बनिजै बनिजारी ।—देव (शब्द॰) । (ख) थापन पाई थिर भया, सतगुरु दीन्ही धीर । कबीर हीरा बनिजिया, मानसरोवर तीर ।—कबीर॰ सा॰ स॰, पृ॰ ५ ।