बयना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बयना पु † ^१ क्रि॰ स॰ [सं॰बयन, प्रा॰ बयन] बोना । बीज जमाना या लगाना । उ॰—(क) सूर सुरपति सुन्यो बयौ जैसो लुन्यों प्रभु कह गुन्यो गिरि सहित वैहै ।—सूर (शब्द॰) । (ख) सीचे सीय सरोज कर बए बिटप बर बेलि । समउ सुकालु किसान हित सगुन सुमंगल केलि ।—तुलसी (शब्द॰) ।
बयना ^२ क्रि॰ स॰ [सं॰ बचन, प्रा॰ वयण, हिं॰ बैन या सं॰ वर्णन] वर्णन करना । कहना । उ॰— दल फल फूल दूब दधि रोचन जुवतिन भरि भरि थार लए । ग्वत चलीं भीर भइ बीथिन बदिन बांकुरे बिरद बए ।—तुलसी (शब्द॰) ।
बयना ^३ संज्ञा पुं॰ [सं॰ बायन] दे॰ 'बैना' ।