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बयाला

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बयाला † संज्ञा पुं॰ [सं॰ बाह्य + हि॰ आला]

१. दीवार में का वह छेद जिससे झाँककर बाहर की वस्तु देखी जा सके ।

२. ताख । आला ।

३. पटाव के नीचे की खाली जगह ।

४. किलों या गढ़ों में वह स्थान जहाँ तीपें लगी रहती हैं ।

५. कोठ की दीवार में वह छोटा छेद या अवकाश जिसमें से तोप का गोलं पार करके जाता है । उ॰— तिमि घरनाल और कर नालै सुतरनाल जंजालैं । गुर गुराब रहँकले भले तह लागे बिपुल बयालैं ।—रघुराज (शब्द॰) ।