बरखना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बरखना क्रि॰ अ॰ [सं॰ वर्षण] पानी बरसना । वर्षा होना । उ॰— (क) कोटिन्ह दीन्हेउ दान मेघ जनु बरखइ हो ।—तुलसी ग्रं॰, पृ॰ ६ । (ख) परखे प्रलय को पानी, न जात काहू पै बखानी । ब्रज हूँ तैं भारी टूटत हैं तर तर ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ ३६२ ।