बरङ्गा
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बरंगा ^१ संज्ञा पुं॰ [देश॰]
१. छत पाटने की पत्थर की छोटी पटिया जो प्रायः डेढ़ हाथ लंबी और एक बित्ता चौड़ी होती है ।
२. वे छोटी छोटी लकड़ियाँ जो छत पाटते समय धरनों के बीचवाला अंतर पाटने को लगाई जाती हैं । उ॰—बरंगा बरंगी की या जरी हैं । मनो ज्वाल ने बाहु लच्छी करी हैं ।—सूदन (शब्द॰) ।
बरंगा † ^२ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ बराड़्गना] अप्सरा । — उ॰—बरंगा राल बरमाल सूरा बरै । त्रिपत पंखाल दिल खुले ताला ।— रघु॰ रू॰, पृ॰ २० ।