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बरड़ाना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बरड़ाना † क्रि॰ स॰ [अनुध्व॰] दे॰ 'बरर्ना' या 'बड़बड़ाना' । उ॰— (क) सुपने हू बरड़इ कै जिह मुख निकसै राम ।— कबीर ग्रं॰, पृ॰ २६१ । (ख) सब जग सोता सुध नहिं पावै । बोले सो सोता बरड़ावै ।—दरिया॰ बानी, पृ॰ २४ ।