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बरदवान

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बरदवान ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ वर + दामन्] कमखाब बुननेवालों के करघे की एक रस्सी जो पगिया में बँधी रहती है । 'नथिया' भी इसी में बँधी रहती है ।

२. रस्सी । उ॰—बरदवानी, डेंरा, कनात, पात्र, सामग्री, आभूषण वस्त्र दोऊ भाँति के, सिज्या और जो कद्दू वस्तू चाहिए ये सब पठवाए ।—दो सो बावन॰, भा॰ १, पृ॰ ११४ ।

बरदवान ^२ संज्ञा पुं॰ [फ़ा॰ बादबान]

१. तेज हवा । (कहार) ।

२. हवा । वायु । उ॰—जैसे जाहाज चलै सागर में बरदवान बहै धीमी ।—वट॰, पृ॰ १९८ ।