बरवै
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बरवै संज्ञा पुं॰ [देश॰] १९ मात्राओं का एक छंद जिसमें १२ और ७ मात्राओं पर यति और अंत में 'जगण' होता है । इसे 'ध्रुव' और 'कुरंग' भी कहते हैं । जैसे,—मोतिन जरी किनरिया बिथुरे बार ।