बराना
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बराना ^१ क्रि॰ अ॰ [सं॰ वारण]
१. प्रसंग पड़ने पर भी कोई बात न कहना । मतलब की बात छोड़कर और और बातें करना । बचाना । उ॰—बैठी सखीन की सोभै सभा सबै के जु नैनन माँझ बसै । बूझै ते बात बराइ कहै मन ही मन कैशवराइ कहै ।—केशव (शब्द॰) ।
२. बहुत सी वस्तुओं या बातों में से किसी एक वस्तु या बात को किसी कारण छोड़ देना । जान बूझकर अलग करना । बचाना । उ॰—साँवरे कुँवर के चरन के चिह्न बराइ बधू पग धरति कहा धौं जिय जानि कै ।—तुलसी (शब्द॰) ।
३. रक्षा करना । हिफाजत करना । बचाना । उ॰—हम सब भाँति करब सेवकाई । खेतों में से चूहों आदि को भगाना ।
बराना ^२ क्रि॰ स॰ [सं॰ वरण] बहुत सी चीजों में से अपने इच्छानुसार कुछ चीजें चुनना । देख देखकर अलग करना ।
बराना ^३ † क्रि॰ स॰ [हिं॰] दे॰ 'बालना' । (जलाना) । उ॰— देबो गुण लियो नीके जल सों पछारि करि करी दिव्य बाती दई दिये में बराइ कै ।—प्रियादास (शब्द॰) ।
बराना ^४ क्रि॰ अ॰ [सं॰ वारि]
१. सिंचाई का पानी एक नाली से दूसरी नाली में ले जाना ।
२. खेतों में पानी देना ।