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बरुआ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बरुआ † संज्ञा पुं॰ [सं॰ बटुक, प्रा॰ बडुअ]

१. बटु । ब्रह्मचारी । जिसका यज्ञोपवीत हो गया हो पर जो गृहस्थ न हुआ हो ।

२. ब्राह्मणकुमार ।

३. उपनयन संस्कार । जनेऊ का संस्कार ।

बरुआ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ बरना] मूँज के छिलके की बनी हुई बद्धी जिससे डालियाँ बनाई जाती हैं ।