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बरुक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बरुक † अव्य॰ [हिं॰ बरु + क(प्रत्य॰)] दे॰ 'बरु' । उ॰—(क) निज प्रतिबिंब बरुक गहि जाई ।—मानस २ । ४७ । (ख) नहिं नैमित्तिक बरुक नित्य की बात बतावत ।—प्रेमघन॰, भा॰ १, पृ॰ १२ ।