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बरेखी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बरेखी ^१ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ बाँह + रखना] स्त्रियों की भुजा पर पहनने का एक गहना ।

बरेखी ^२ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ बर + देखना, बरदेखी] विवाह संबंध के लिये वर या कन्या देखना । विवाह की ठहरौनी । उ॰— धरघाल चालक कलह प्रिय कहियत परम परमारथी । तैसी बरेखी कीन्हि पुनि मुनि सात स्वारथ सारथी ।—तुलसी (शब्द॰) । (ख) लोग कहैं पोच सो न सोच न सँकोच मेरे ब्याह न बरेखी जाति पाँति न चहत हौं ।—तुलसी (शब्द॰) ।