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बर्तना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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बर्तना क्रि॰ सं॰ [सं॰ वर्तन (=बृत्ति, व्यवहार)]

१. आचरण करना । व्यवहार करना । जैसे, मित्रता बर्तना ।

२. व्यव- हार में लाना । काम में लाना । इस्तेमाल करना । जैसे,— यह बरतन नया है । किसी ने इसे बर्ता नहीं है । उ॰—इनसे प्रजा को रात दिन बतंना पड़ता है ।—प्रेमघन॰, भा॰ २, पृ॰ २८२ ।